Cover of Vastron ki Drafting takneek 2nd Edition (Hindi)

Textiles · Home Science

Vastron ki Drafting takneek 2nd Edition (Hindi)

By: Saroj S.Jeet Singh, Nilam Paruthi & Neelam S. Roj

₹445.50₹495.00You save ₹49.50
ISBN
9789391734060
Year
2023
Binding
Paperback
Language
Hindi
Total pages
133
Ebook
Coming soon

About the Book

रोटी, कपड़ा एवं मकान मनुष्य की मूलभूत आवश्यकतायें हैं। जिसमें से वस्त्र मनुष्य के बहुमुखी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वस्त्रों का सही चयन ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को प्रभावकारी बनाता है। वस्त्रों की फिटिंग उचित कटाई पर ही निर्भर करती है। वस्त्रों की ड्राफ्टिंग तकनीक से व्यक्तिगत नाप के अनुसार वस्त्र तैयार किये जा सकते हैं। वस्त्रों की ड्राफ्टिंग तकनीक' पुस्तक वस्त्रों की सही फिटिंग और उचित कटाई के बारे में बुनियादी समझ प्रदान करती है। इस पुस्तक को चार भागों में विभाजित किया गया है। पहला भाग वस्त्रों की ड्राफ्टिंग, कटाई और सिलाई करते समय ध्यान रखने योग्य बातों के बारे में सामान्य जानकारी प्रदान करता है। दूसरे भाग में बच्चों के वस्त्रों की ड्राफ्टिंग तकनीक का वर्णन किया गया है। इसी तरह तीसरे और चौथे भाग में स्त्रियों और पुरुषों के वस्त्रों का विधिवत् वर्णन हैं। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य गृह विज्ञान महाविद्यालयों, विभिन्न डिग्री महाविद्यालयों एवं फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं में सिलाई कला के कौशल तथा ड्राफ्टिंग तकनीक के बारे में उचित जानकारी प्रदान कराना है। अतः यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिये उपयोगी साबित होगी जो इस कला को सीखने के इच्छुक हैं।

Vastron ki Drafting takneek 2nd Edition (Hindi) by Saroj S.Jeet Singh, Nilam Paruthi & Neelam S. Roj .

133 pages · Hindi · Published 2023

Subjects: Textiles, Home Science

About Author

डॉ. सरोज एस. जीत सिंह, चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के वस्त्र एवं परिधान अभिकल्पन विभाग में एमस्टिस प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होनें विश्वविद्यालय को 38 से अधिक वर्षों तक अपनी मेधावी सेवाएं प्रदान की एवं गृह | विज्ञान महाविद्यालय में डीन के रुप में 2010-2014 तक कार्यभार संभाला। वह गृह विज्ञान महाविद्यालय के वस्त्र एवं परिधान अभिकल्पन विभाग की संस्थापक विभागाध्यक्षा रही एवं उन्होंने 14 साल तक विभागाध्यक्षा के रूप में विभाग को नेतृत्व प्रदान किया। डॉ. सरोज एस. जीत सिंह ने विभिन्न विषयों में 35 से अधिक पी.एच.डी. एवं एम.एस.सी. की छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने मुख्य शोधकर्ता के रुप में आई.सी.ए.आर. यू.जी.सी. एवं अन्य संस्थाओं द्वारा प्रायोजित शोध परियोजनाओं में अपनी महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें आई.सी.ए.आर. सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी मिला। वह | विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड और अन्य कई राज्यों एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के अध्ययन बोर्ड की सदस्य रही।

डॉ. नीलम परुथी चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के वस्त्र एवं परिधान अभिकल्पन विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रही और उन्होनें विश्वविद्यालय को 34 से अधिक वर्षों तक अपनी सेवाएं प्रदान की। वह विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रायोजित शोध परियोजनाओं में मुख्य एवं सहायक शोधकर्ता रही और उनके अंतर्गत वस्त्र एवं परिधान संबंधित विभिन्न तकनीक विकसित की। उन्होंने विभिन्न विषयों पर 15 से अधिक पी.एच.डी. एवं एम.एस.सी. की छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान | किया। उन्हें आई.सी.ए.आर. द्वारा सर्वश्रेष्ठ शोध टीम पुरस्कार भी मिला।

डॉ. नीलम एम. रोज वर्तमान में चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय के वस्त्र एवं परिधान | अभिकल्पन विभाग में विभागाध्यक्षा के रूप में कार्यरत है और विगत 29 वर्षों से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। डॉ. नीलम एम. रोज ने 20 से अधिक पी.एच.डी. एवं एम.एस.सी. की छात्राओं को विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रायोजित शोध परियोजनाओं में सहायक शोधकर्ता के रुप में कार्य किया। वह हरियाणा के | विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालय में अध्ययन बोर्ड की सदस्य भी रही हैं।

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