English Language and Literature · General · Physics/Communication/Nano Science
Hindi me Vigyan Sanchar
- ISBN
- 9788196560607
- Year
- 2025
- Binding
- Hardbound
- Language
- Hindi
- Total pages
- 488
- Ebook
- Not available
About the Book
यह पुस्तक हिंदी में वैज्ञानिक संचार का व्यापक अन्वेषण प्रस्तुत करती है, जिसमें सामान्य विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन और अनुसंधान पद्धति के दृष्टिकोणों का समावेश है। यह मूलभूत विषयों—परिभाषाओं, सिद्धांतों और वैज्ञानिक संचार के रूपों—से प्रारंभ होती है और आगे क्षेत्रीय भाषाई उपयोग, विज्ञान लेखन तकनीक, पत्रकारिता मानक तथा वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार में दृश्य एवं साहित्यिक तत्वों की भूमिका जैसे विशिष्ट क्षेत्रों पर केंद्रित होती है।
पुस्तक के अगले खंड अंतर्विषयक आयामों का विश्लेषण करते हैं, जिनमें विकासात्मक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य-संबंधी संचार शामिल हैं। इसमें जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी सम्मिलित किया गया है, जो सैद्धांतिक ढांचे और व्यावहारिक दृष्टिकोण दोनों को रेखांकित करते हैं।
रिपोर्ट लेखन, संपादन, अनुवाद, प्रकाशन नैतिकता और जनजागरूकता रणनीतियों पर आधारित विस्तृत अध्यायों के माध्यम से यह पुस्तक छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों को विज्ञान पत्रकारिता, पर्यावरण संचार और हिंदी भाषा में जन-संपर्क के क्षेत्र में प्रभावी रूप से जुड़ने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।
Hindi me Vigyan Sanchar by Dr. Vedprakash Borkar.
488 pages · Hindi · Published 2025
Subjects: English Language and Literature, General, Physics/Communication/Nano Science
About Author
डॉ. वेदप्रकाश बोरकर, एम.ए. हिंदी, एम.ए. संस्कृत, नेट (हिंदी), एम.फिल., पीएच.डी, पी.डी.एफ., एम.एस.सी., एम.एक्यू.पी.जी.डी.टी, पी.जी.डी.एच.ई., डी.एस.एम. से अलंकृत हैं। संप्रति-राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) तिरुपति में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. वेदप्रकाश हिंदी विज्ञान संचालक, भाषाविद्, कवि, रचनाकार, शिक्षा परामर्शदाता, अध्येता एवं विचारक हैं।
भारतरत्न महामहिम राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम जी से विशेष सम्मानित हैं। रचनाओं में विशेषतः भारतीय ज्ञान प्रणाली में पर्यावरण चेतना एवं संपूर्ण विकास, हिंदी में वैज्ञानिक एवं तकनीकी लेखन, वैदिक शिक्षा मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, ई-अनुवाद, प्रयोजनमूलक हिंदी, भाषाविज्ञान एवं भाषा-प्रौद्योगिकी पर नया आयाम प्रकाशित होता है।
आपकी अंतरराष्ट्र शासन विधाओं पर पुस्तकें प्रकाशित हैं। अंतरराष्ट्रीय शोधपत्रिकाओं में अनुसंधान-प्रपत्र एवं विभिन्न वर्तमान पत्रों में लेख निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं। रोजगारोन्मुख नवीन पाठ्यक्रम विकास, अनुसंधान एवं अंतरिक्ष विज्ञान संचार के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के माध्यम से हिंदी अध्ययन के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
अपनी प्रभावी वक्तृत्व कला एवं संदेशात्मक वृत्तचित्र प्रस्तुति से विभिन्न महाविद्यालय-विद्यालयों, शैक्षिक संगठनों, कार्यशालाओं, दूरदर्शन, आकांक्षावाणी, UGC मानव संसाधन विकास केंद्र, नागपुर में संसाधन व्यक्ति के रूप में विशेष सक्रिय हैं।
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